Swami Vivekananda SMS Quotes Message

###आज है यह बात मेरे ख़्वाबों मैं क्योँ नहीं हम इन कुछ किताबो में क्या है जो कुछ में कुछ अलग है कुछ तो होगा जो हमे उनमे अलग होगा क्योँ ना हमारा कुछ ख़ास में नाम है किसी ने कैसे पाया उच मुकाम है कुछ तो हम भी होन्ग उन किताबो में यह बात सच होगी ना होगी ना होगी सिर्फ खाबों में


⧬⧬यदि धन से दुसरो की भलाई होती है तो इसका कुछ मूल्य है, अन्यथा ये शिर्फ़ बुराई का एक ढेर है इससे ⧬⧬जितनी जल्दी छुटकारा मिल जाये उतना बेहतर है हर काम को तीन अवस्थाओ में से गुजरना होता है – उपहास , विरोध और स्वीकर्ति | जो मनुष्य अपने समय से आगे विचार करता है, लोग उसे निस्चय ही गलत समझते है | इसलिए विरोध ⧬और अत्याचार हम सहर्ष स्वीकार करते है ; परन्तु मुझे दृढ़ और पवित्र होना चाहिए और भगवन में अपरिमित विस्वास रखना चाहिए, तब ये सब लुप्त हो जायेगे – सवामी विवेकानंद आप जैसे विचार करेगे, ⧬वैसे आप हो जायेगे, अगर अपने आपको निर्बल मानेगे तो आप निर्बल बन जायेगे और यदि जो ⧬आप अपने आपको समर्थ ⧬मानेगे तो आप समर्थ बन जायेगे – सवामी विवेकानंद सत्य एक हजार अलग तरीको से कहा जा सकता है, फिर भी हर एक सच हो सकता है – सवामी विवेकानंद जिस समय जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, ठीक ⧬उसी समय पर उसे करना ही चाहिए, नहीं तो लोगो का विश्वास उठ जाता है – सवामी ⧬विवेकानंद अपना ⧬जीवन एक लक्ष्य पर निधारित करो | अपने पुरे शरीर को उस एक लक्ष्य से भर दो, और हर दूसरे ⧪विचार को ⧬अपनी जिंदगी से निकाल दो| ये ही सफलता की कुंजी है | – सवामी विवेकानंद किसी मनुष्य को अपनी सबसे, ⧭⧭आम किर्याये ⧭⧭करता देख ही एक महापुरुष के चरित्र का अंदाज लगाया जा सकता है | – सवामी विवेकानंद

लगातार पवित्र विचार करते रहे .
बुरे संस्कारो को दबाने के लिए एकमात्र समाधान यही है .

हैप्पी स्वामी विवेकानंद जयंती सब बातो को त्याग दो ,
यहां तक की अपनी मुक्ति का विचार भय त्याग दो और …


दू⧬सरो की सहायता करो ! ~ स्वामी विवेकानंद . उठो जागो और तब तक मत रुको तब तक लक्ष्य प्राप्ति न हो जाए .(स्वामी विवेकानंद) उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो, तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो, तुम तत्व नहीं हो, ना ही शरीर हो, तत्व तुम्हारा सेवक है तुम तत्व के सेवक नहीं हो. सुखाचे शान है,⧬ दवबिंदु प्रमाण असतात, हातात एलएसए वाटत, टेव निसटून गेलेले असत , कोणतेही कार्य अडथळ्यावाचून पर पडत नहीं, शेवटपर्यंत जे प्रयत्न करात राहतात, त्यांनाच यश प्राप्त होते आपण जार पेंसिल बनूँ कोणाचा आनंद लिहू शक्लो नहीं , तरी , रबर बनूँ दुःख खोदण्यास नकीच मदत कर शकतो अपन जैसे आहोत तैसे स्वताला, स्वीकारल पाहिजे, कारन जगत आपल्या पेक्षाही , कोणीतरी काम नशिबी असत . उठो मेरे शेरो , इस भर्म को मिटा दो की तुम निर्बल हो, तुम एक अमर आत्मा हो , स्वछ जिव हो , धन्य हो, सनातन हो , तुम तत्व नहीं हो, न ही शरीर हो, तत्व तुम्हारा सेवक है तुम तत्व के सेवक नहीं हो . रहने दे आसमान ज़मीन की तलाश कर सब कुछ ⧬यहीं है ,कहीं और न तलाश कर हर आरज़ू पूरी हो , तो जीने क्या मज़ा , जीने के लिए एक खूबसूरत वजह की तलाश कर मंज़िल मिल ही जायेगी भटकते हुए ही सही गुमराह तो वो हैं जो घर से निकले ही नहीं ⧬कामयाबी के कुछ ⧬असूल होते है बुलंदियों के नखरे तो फिजूल होते है रखते नही है पौण्ड खुद को वो मार मिट के राख धुल होते है


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