Monday, 20 November 2017

याद आती है उनकी हमें हद से ज्यादा


पलकों पर आँसू छोड जाते हैं


उसकी यादों को किसी कोने में छुपा नहीं सकता


तेरी यादें गुलाब की साख हैं जो रोज महकती हैं


उदास ऐ दिल किसी बेवफा की याद में


कभी कभी याद कर लेने में क्या बुराई है


तुम्हारी याद आई और मौसम सुहाना हो गया


एक तुम्हारी यादें हैं जो चुप रहती नहीं


दिल की हालत बताई नहीं जाती


दर्द होता है पर आवाज़ नहीं आती