1 one 2 two line shayari in hindi


  • बहुत तड़पाया है किसी की बेबस यादों ने;
  • ऐ ज़िंदगी खत्म हो जा, अब और तड़पा नहीं जाता



  • कितने गम दिये मैंने, कितनी खुशी दी तुमने,
  • मार्च का महीना आ गया है आ तू भी हिसाब कर ले...




  • तू किसी बादल सी गरजती हैं, 
  • .
  • मैं अश्क बूँदो सा बरस जाता हु :




  • उम्र के इस दहलीज पर अरमानों का विशाल समुंदर सूख चुका है
  • जो बस अब यादों के कीचड़ और खामोशियों की धूल से सराबोर है
  • चलो उम्मीदों के सूरज से यहाँ
  • शाँति रूपि कमल खिलाएँ




  • ऐ ज़िंदगी फ़िर लम्हे दे वो फ़ुर्सत के
  • जब ख़ुद को हेमा मालिनी समझ धर्मेंन्दर् से मिलने का ख़ाब देख़ते थे 



  • यूँ ही नही आता ये शेर-ओ-शायरी का हुनर,कुछ
  • खुशियाँ गिरवी रखकर जिंदगी से दर्द
  • खरीदा है।




  • औकात या हैसियत कि बात कभी किसी से ना करना
  • पानी कि एक बुंद जो ठानले तो सिपी में मोती बन जाता है



  • ये मोहब्बत के हादसे अवसर दिलों को तोड देते हैं
  • तुम मंजिल की बात करते हो लोग राहों में छोड देते हैं 



  • एक विनती है मेरी देव तुमसे 
  • मुझे ख़ुद से मुख़ातिब (introduce) करा दे
  • के इस गुमनाम राह में कुछ अपनी शख़्सियत बना सकूँ



  • मुझसे न पूछ लबों के ,तबस्सुम का सबब,
  • तू नियामत की तरह , ज़िन्दगी में आया है !



  • तेरी कमी भी है,♡ तेरा साथ भी है.♡ तू दूर भी है,♡ तू पास भी है. ♡खुदा ने यूँ नवाज़ा तेरी मोह्बत से, मुझे गुरुर भी है और नाज़ भी है.



  • जिंदगी की सच्चाई कभी बदल नहीं सकती
  • नसीब के आगे किसीकी चल नहीं सकती
  • लाख गुरूर करे वो समंदर भी खुद पर
  • प्यास उससे किसी की बुझ नहीं सकती.



  • सोहबत का असर है दोस्तों वही धूल है जो
  • हवा से मिले तो आंख में चली जाती है
  • पानी से मिले तो नवजीवन रचती है 



  • आज पूछा मैंने खुदा से यहाँ मेरा अस्तित्व क्या है ?
  • उसने मुझे देखा मुस्कुराया और बोला ये शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है




  • हुस्न भी तेरा, अदाएं भी तेरी, नखरे भी तेरे, शोखियाँ भी तेरी,
  • कम से कम इश्क़ तो मेरा रहने दे.




  • चलते चलते………….
  • भूख लगी थी जिंदगी में अपनेपन की...
  • हम कुछ कसमे खाकर
  • और वादे पीकर सो गये.



  • दिल के दरवाजों को हमेशा ही खुला रखता हुँ,
  • .

  • कहा है उन्होनें` "देर लगेगी पर आयेंगे जरूर"




  • इतना भी ना तडपाओ मुझे....
  • मैँ तो वही शक्स हुँ ना।। जिससे तुम्हे कभी मोहब्बत हुआ करती थी..



  • पुछा जो उस से मैंने, क्यू छोड़ दिया मुझे।
  • जवाब में पगली मेरे आंसू पोंछते पोंछते रो पड़ी



  • मेरी मोहब्बत की सच्चाईको तो देख...
  • मैं तेरे नाम वालो से भी इज्ज़त से पेशआता हूं..



  • यहा तो समंदर भी बड़ा मतलबी निकला,
  • जान लेकर लहरों से कहता है••लाश को किनारे लगा दो



  • दिल नहीं लगता अब इस वीरान दुनिया में,
  • जब से वो कह गया मुझे याद मत करना।



  • ना तोल मेरे इश्क़ को इस दुनीया के तराजू से,
  • मेरे जैसा आशिक ना तुम पा सकोगे इस जहा में.



  • ख्वाहिशों का अब दम सा घुटने लगा है
  • ज़रुरतों के ताले लगे हैं हर ज़िंदगी के द्वार पर 



  • जो मेरे पास आना नहीं चाहता
  • मैं भी उसको बुलाना नहीं चाहता
  • चाहता हूँ की जग जीत तो लूँ मगर
  • मैं किसी को हराना नहीं चाहता



  • खुशी में मदहोश और गम में मायूस मत होना,
  • ये वक्त बड़ा खिलाड़ी है, हर रोज़ अपनी चालबदलेगा...



  • वफा की कद्र तो आज भी बहुत है,
  • बसमिट चुके हैं टूट के चाहने वाले..



  • जरूरत से ज्यादा अच्छे बनोगे,
  • तो जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया जाएगा.



  • ये शीशे,
  • ये धागे,
  • ये सपने,
  • ये रिश्ते
  • किसे क्या ख़बर,
  • कब,कहाँ ,टूट जाएं..



  • आने वाला कल अच्छा होगा,
  • बस इसी सोच में आज बीत जाता है...



  • टूटकर चाहने वालों का सिलसिला अब नजर नही आता...
  • अब तो चाहतो में सिर्फ दिल टूटा करते हैं।



  • कल रात मौत आयी थी, गुस्से में बोली जान ले जाउंगी तेरी मैंने भी बोल दिया जिस्म ले जाओ, जान तो उसके पास है




  • साजिशें के लिए अब नहीं ज़रुरत युद्ध के शिविर की
  • सुबूतों का सौदा के लिए कुछ रिश्ते ही काफी हैं



  • लाख फासले सही दरम्यां अपने....
  • मगर जब मिलोगे तो गले लगा लेना मुझे..



  • कुछ लोगों से हम बेवजह मुस्कुराकर मिलते हैं, 
  • और कुछ लोगों से मिलकर हम बेवजह ही मुस्कुरा देते हैं.



  • एक वक़्त था जब मैं था तुम थे ...और कोई नहीँ ...
  • अब एक वक़्त है .. सब है ..बस हमे छोड़कर




  • ज़रा सी तबियत क्या खराब हुई बूढ़े बाप की,,
  • बेटे वकील को बुला लाये डाक्टर से पहले ...



  • ठहरी है तो इक चेहरे पे ठहरी रही है बरसों,
  • भटकी है तो फिर आँख आज तक भटक ही रही है.



  • कुछ चीजें होती हैं इतनी बेमतलब,
  • जैसे तेरे बिन ये खाली ज़िन्दगी



  • आग अपने ही लगा सकते है,
  • ग़ैर तो सिर्फ़ हवा देते है




  • जो नफरत उसको दिखाई थी कुछ यूँ बेकार हो गई
  • जुबान मेरे बस में रहीं, और आँखे गद्दार हो गई।



  • कुछ तब्दिलियाँ और समझौते कर लिए हैं हालात - ए ज़िदंगी से हमने
  • अब आकाश में मौन तलाशते हैं और पीछे मुड़ कर देखने की आदत छोड़ दी है 



  • सिर्फ तुम्हें ही हो मेरे होने का एहसास
  • खो जाऊँ मैं तुम में आँसू की तरह,



  • हवा गुजर गयी पत्ते हिले भी नहीं,
  • वो मेरे शहर में आये और मिले भी नहीं 




  • समय के दरिया में समझ की नौक़ा मिल जाए तो
  • बाधाओँ और गल्तियों के तुफानों से जूझ ही लेंगे




  • तुझे पाना तुझे खोना तेरी ही याद मेँ रोना.!!
  • !!.ये अगर इश्क है तो हम तनहा ही अच्छे हैँ



  • हुआ है तुझसे बिछडने के बाद ये मालूम कि.!!
  • !!.सिर्फ तू नहीं था तेरे साथ मेरी एक पूरी दुनिया थी




  • तेरी यादों के संग बरसती रही अश्कों की बारिश.!!
  • !!.भीग गई हथेलियाँ ढूंढते ढूंढते लकीरों में तेरा नाम



  • थोड़ी सी कसक , थोड़ी सी चुभन और तेरी यादें बड़ी गुलज़ार रहती है हर शाम तन्हाई की



  • मेरे जज़्बात, मेरे अल्फाज़, मेरे एहसास सब हो गए हैं पतंग,
  • डोर किसी के हाथ में उड़े किसी के संग.



  • इतने धोखे खा चूका हु अपनो से मै यारो
  • के अब तो भूख भी नहीं लगती है यारो


  • ख़ामियों को गिन रही हूँ ख़ुद से रूबरू होकर
  • जो आईने से ज़्यादा अपनों ने बयाँ की हैं



  • इंकार जैसी लज्जत , इक़रार में कहां ,
  • बढ़ता रहा इश्क ग़ालिब, उसकी नही-नही से.




  • वो मुस्कुराहटें, वो तुम्हारी पलकों के आंसू,
  • मैंने सब कुछ महफ़ूज़ रखा है, दिल को पत्थर बनाकर..



  • काश फिर मिल जाए फ़ुर्सत के वो गुज़रे क्षण 
  • रिश्तों पर लगी कुछ धूल साफ़ कर लूँ , और कुछ पर पैबंद लगा लूँ



  • झुक कर चाँद भी , सलाम करता होगा,
  • जो तेरे नूर का , दिदार करता होगा



  • यूँ तो तमन्ना दिल में ना थी लेकिन,
  • .
  • ना जाने तुझे देख कर क्यों आशिक बन बैठे…



  • गुज़र गया आज का दिन भी इसी आस पर
  • कल आरज़ुओं को पूरा कर ही लेंगे 




  • परमात्मा भी खुश हो उठता है, देखकर ऐसा मंज़र,
  • अपने ही बनाए जहान काजब अपने हिस्से का खाना, खिला देता है जानवरों को, एक बच्चा इंसान का.



  • कुछ आप हसीन है , कुछ मौसम रंगीन है ,
  • तारीफ करूँ या चुप रहूँ ,जुर्म दोनो संगीन है 




  • कुछ आप हसीन है, कुछ मौसम रंगीन है,
  • तारीफ करूँ या चुप रहूँ, जुर्म दोनों संगीन है



  • मुझसे मेरी वफ़ा का सबूत मांग रहा है,
  • खुद बेवफ़ा हो के मुझसे वफ़ा मांग रहा है.




  • इंसान और ईमान का बस इतना वजूद है आज
  • चंद सिक्कों की मौजूदगी में सरेआम बिक जाते हैं





  • ज़िदंगी क्या है ? पूछा किसी ने 
  • मैने हँस कर कहा "समझौता करना सीख लो तो जन्नत का मुज़ायरा मिल जाएगा।



  • मेरी उंगली पकड़ लेना ,मुझे तन्हा नहीं करना ,
  • ये दुनिया एक मेला है ,तुम्हें खोने से डरता हूँ 





  • देखते हैं अब क्या मुक़ाम आता है हज़ूर,
  • सूखे पत्ते को ईशक हुआ है बेहती हवा से।।
  • देखते हैं अब क्या मुक़ाम आता है हज़ूर,
  • सूखे पत्ते को ईशक हुआ है बेहती हवा से...




  • ज़िंदगी की ख़ाली किताब ले कर आते हैं
  • कर्मों के अल्फाज़ लिखते हैं और पन्ना-पन्ना भरते हैं




  • ज़िन्दगी भर जो मेरा हाल भी ना पूछने आये थे,
  • आज वो मेरी मय्यत पे आके आशु बहा रहे है..




  • मैं लिखती हूँ "खामोशी" को, 
  • "कलम" चुनते हैं अश्कों को,,,,
  • बन जाती है इक "गजल",,,
  • मैं गा लेती हूँ "दर्द" को



  • अगर बात ख्याल की करे तो बस इतना कहेंगे,
  • तुम से जुड़ा हो तो हसीन और तुम्हारा हो तो बेहतरीन..



  • दिल एक है तो, कई बार क्यों लगाया जाये;
  • बस एक इश्क़ ही काफी है, अगर निभाया जाये..


  • तुम जिंदगी से जीते नही पर लड़े तो थे!ये बात कम नही की तुम जिद्द पर अड़े तो थे!ये गम रहेगा हम को बचा ना सके तुम्हें;वरना हमे बचाने वहां तुम खड़े तो थे!



  • इश्क करो तो आयुर्वेदिक वाला करो फायदा ना हो तो नुक़सान भी ना हो




  • सुन ना... दिन महीने सालो का "हिसाब" नही आता ना मुझकों,..*...*
  • बस मुझे तो "हमेशा से हमेशा" तक "साथ" चाहिये न तेरा,
  • ..*...**********,,,,,,,,,,**********,,,,,,,,,,********** सुनों ना... हमारी "मोहब्बत" के लिये एक दिन "ज्यादा" मिलने वाला हैं ना हमकों,
  • ..**...देख़ो ना "फरवरी" आई हैं ना इस "बरस" एक दिन "ज्यादा" लेकर



  • हर तरफ शोर है तेरे आने का,,,,,,,
  • आशिक़ो ने ए फरवरी तुझे भी मशहूर कर दिया...



  • बड़ा अजीब दस्तुर है यारों ,
  • दर्द आँखो से निकले तो कायर हैं,
  • और बातो से निकले तो शायर हैं



  • ना जाने वो कौन सी डोर है 
  • जो तुझ संग जुडी है ?
  • दूर जाएँ तो टूटने का डर है। और,
  • पास आएं तो उलझने का 





  • औरत को हर रूप में ढलते हुए मैंने देखा है,
  • कभी माँ तो कभी बहन बनते हुऐ देखा है,
  • नहीं समजता तो समज ले क्या है उसका मरतबा,
  • उसके कदमो के नीचे जन्नत को मिलते देखा है,
  • ना कर पायेगा तू उस दर्द का भी क़र्ज़ अदा कभी,
  • जो दर्द तुजे जन्म देते हुए उस माँ ने सहा है.




  • ये ख्वाब तेरा - मेरा सादा सा,
  • इक घरोंदा हो प्यार का, 
  • इक आशियाना बहार का,,,,
  • जो भी देखे बस लगे एक मीठा ख्वाब सा




  • परत दर परत जिंदगी,
  • मोम सी पिघलती रही,,,
  • -
  • पन्ने-पन्ने पर दर्द को, 
  • मैं यूँ ही लिखती रही,



  • परी हो तुम गुजरात की, रूप तेरा मद्रासी !
  • सुन्दरता कश्मीर की तुममे, सिक्किम जैसा शर्माती !!.
  • खान-पान पंजाबी जैसा, बंगाली जैसी बोली !
  • केरल जैसा आंख तुम्हारा, है दिल तो तुम्हारा दिल्ली !!.
  • महाराष्ट्र तुम्हारा फ़ैशन है, तो गोवा नया जमाना !
  • खुशबू हो तुम कर्नाटक कि, बल तो तेरा हरियाणा !!.
  • सिधी-सादी उड़ीसा जैसी, एम.पी जैसी मुस्काना !
  • दुल्हन तुम राजस्थान जैसी, त्रिपुरा जैसा इठलाना !!.
  • झारखन्ड तुम्हारा आभूषण, तो मेघालय तुम्हारी बिन्दीया है !
  • सीना तुम्हारा यू.पी है तो, हिमांचल तुम्हारी निन्दिया है!!.
  • कानों का कुन्डल छत्तीसगढ़, तो मिज़ोरम तुम्हारा पायल है !
  • बिहार गले का हार तुम्हारा, तो आसाम तुम्हारा आंचल है !!.
  • नागालैन्ड- आन्ध्र दो हाथ तुम्हारे, तो ज़ुल्फ़ तुम्हारा अरुणांचल है !
  • नाम तुम्हारा भारत माता, तो पवित्रता तुम्हारा उत्तरांचल है !!.
  • सागर है परिधान तुम्हारा, तिल जैसे है दमन-द्वीव !
  • मोहित हो जाता है सारा जग, रहती हो तुम कितनी सजीव !!.
  • अन्डमान और निकोबार द्वीप, पुष्पों का गुच्छ तेरे बालों में !
  • झिल-मिल, झिल-मिल से लक्षद्वीप, जो चमक रहे तेरे गालों में!!.
  • ताज तुम्हारा हिमालय है, तो गंगा पखारती चरण तेरे !
  • कोटि-कोटि हम भारत वासियों का, स्वीकारो तुम नमन मेरे !!नमन_माँ_भारती



  • घिरने लगी जिंदगी जब बियाबान कांटों में
  • हमने अपने आप को गुलाब कर लिया




  • ज़िन्दगी में खाली प्याला लेके खड़े है हम,
  • शबे तन्हाई में कोई तो आये प्यास बजाने..



  • जिंदगी जब भी लगा कि तुझे पढ़ लिया,
  • तूने एक पन्ना और खोल दिया..




  • मैंने उस से वफ़ा की उम्मीद लगा रखी थी दोस्तों,
  • जिसके चर्चे आम थे बाजार में बेवफाई के दोस्तों...




  • अगर वो अपनी मोहब्बत हमको बना लें,
  • हम उन का हर ख्व़ाब अपनीपलकों पर सजा ले,
  • करेगी कैसे हमे मौत उन सेजुदा,
  • अगर वो हमें अपनी रूह मेंबसा ले…




  • काबिले तारीफ़ है,,
  • 'मेरे सनम की हर अदा....!!
  • वो उसका,,
  • ना,,
  • ना,,
  • हम कहना और फिर मेरी बाँहो में चलेआना.



  • हमें खुद ही खुद से खुश रहने का हुनर भी आता है, 
  • जैसे चमन में बेमौसम भी कोई न कोई फूल खिल ही जाता है



  • फिर कभी नहीँ हो सकती मोहब्बत
  • सुना तुमनेवो शख्स भी एक था
  • ……मेरा दिल भी एक है 



  • चाँद की चाँदनी बरसती रहे
  • दिलों में प्यार बनकर, 
  • अरमान सुनहरी सजते रहें, 
  • रंगीन ख्वाबों में ढलकर



  • मुझे इतनी 
  • फुर्सत कहाँ कि
  • मैं तक़दीर का लिखा देखूं;
  • बस 
  • अपने दोस्तों की
  • मुस्कराहट देख कर
  • समझ जाता हूँ
  • कि मेरी तक़दीर बुलंद है.





  • वो छा गये है कोहरे की तरह मेरे चारो तरफ,
  • न कोई दूसरा दिखता है ना देखने की चाहत है..



  • बात बात पर भीगो लेती थी ना पलकें,
  • देखो आज मेरे आँसुओं ने भी मायने खो दिए...




  • मेरी रूह से मिल रही है रूह उसकी,
  • फ़क़त हाथों को कसने से मोहब्बत नहीं होती




  • निगाहे बचा कर जो चलते है मुझसे
  • कभी उनको मुझसे मोहब्बत हुईं थी…
  • जो महबूब से अजनबी हो गए है
  • कभी उनको मुझसे मोहब्बत हुईं थी…




  • महफ़िल जब लगी थी यारों की, मुझको भी बुलावा आया था।
  • .
  • कैसे ना जाते हम? उनकी क़समें देकर जो बुलाया था।
  • .
  • जब कहने को कुछ कहा गया, ख़याल उनका ही आया ।
  • फिर अक्षर-अक्षर जोड़ के मेने दिल का दर्द सुनाया।
  • तब आँसू उसकी यादों के ना-ना करते निकल गये,
  • जो समझे वो ख़ामोश रहे, बाक़ी
  • वाह-वाह करते निकल गये।।



  • रह रह के ताजा हो जाते हैं जख्म,
  • हवा भी मजाक करती है खिड़कियों के सहारे



  • कुछ कह रही हैं आप के सीने की धड़कनें....!मेरा नहीं, तो दिल का ही कहा मान जाइए..



  • मुझे जाना है लंबे सफ़र पे,
  • इजाजत चाहता हूँ ज़िंदगी से




  • छोटा सा सफर है मेरा,
  • और कितनी दूर ख्वाहिशें, 
  • फिर भी जारी है मेरी, 
  • जिंदगी से बहुत सी फरमाइशें




  • बड़ी खामोशी से टूट गया,
  • वो एक भरोसा जो सिर्फ तुम पर था.



  • कोई नहीं याद करता वफ़ा करने_वालों कोमेरी मानो बेवफ़ा हो जाओ_ज़माना याद रखेगा.



  • शायद हम ने जिंदगी की कीमत को जाना ही नहीं,वरना किसी के लिए खुद को बर्बाद नहीं करत। 



  • पिंजरे के पंछी रे,
  • तेरा दर्द न जाने कोय। 
  • कह न सके तू अपनी कहानी
  • तेरी भी पंछी क्या जिंदगानी 
  • रेविधि ने तेरी कथा लिखीआंसू में कलम डुबोय,तेरा दर्द न जाने कोय....चुपके चुपके,रोने वालेरखना छुपा के दर्द के छाले रेये पत्थर का देश है पगलेयहाँ कोई न तेरा होयतेरा दर्द न जाने कोय...



  • सवालों के बवंडर में घिरी, 
  • तिनके सी मैं,,,
  • खामोशी के खंडहर में कैद, 
  • महफूज सी हूँ,



  • कुछ खूबसूरत हकीकतों के साये भी लाना इस बार,
  • सिर्फ अधूरे ख्वाबों की छाँव नहीं





  • हर वक्त तन्हाई का ये रोना,
  • किसी का मिलना, किसी का खोना, 
  • किसी को गम है, किसी को कम है, 
  • -
  • उफ! बेइंतहा शिकायत ये ताना,
  • मुझसे भी ज्यादा मायूस है जमाना,
  • मैं खुश हूँ, हाँ मुझको ये वहम है



  • मुझे बस मोहब्बत इतनी निभानी आयी..
  • उसकी खातिर उसको ही छोड़ दिया हमने..



  • बिखरती रही ज़िंदगी बूंद दर बूंद..
  • मगर इश्क फ़िर भी प्यासा ही रहा...




  • बहुत आसान है पहचान इसकी . . .
  • .
  • अगर दुखता नहीं तो दिल नहीं है!





  • जिन्दगी तो बहुत अच्छी है, 
  • बस कुछ जज्बातों से भरे रिश्तों की प्यास है.




  • हाँ चाहा था कभी तुझे,
  • इसलिए अब चाहता हूँ तुझको भूल जाना,
  • गिर उठ झाड़ धुल चल देता हूँ फिर से ,
  • कोई जाकर उन ठोकरों को बतलाना




  • इंतजार तो किसी का भी नहीं अब, फिर जाने क्यों
  • पीछे पलट कर देखने की आदत गई नहीं.




  • नहीं बसती किसी और की सूरत अब इन आँखो में,
  • काश..कि हमने तुझे इतने गौर से देखा न होता ।




  • नहीं बसती किसी और की सूरत अब इन आँखो में,
  • काश..कि हमने तुझे इतने गौर से देखा न होता



  • बेशक मौसम की पहचान हो तुम्हें, 
  • लेकिन, ,,,,
  • हवा का रूख देखकर नही, 
  • दुसरों का दुःख समझकर चला कीजिए, 
  • बेशक होगी पारखी नजर तुम्हारी, 
  • लेकिन, ,,,,,,
  • तौल-मोल के नहीं दिल खोलकर 
  • सबसे मिला कीजिए, 




  • जब भी देख़ता हूँ , तेरे इश्क़ की पाकीज़गी,
  • दिल करता , तेरी रूह को काला टीका लगा दूँ .



  • बेइन्तहा मोहब्बत
  • मेरी माँ की भर देती है ख़ुशियाँ,
  • एक बुझे हुए दिल में
  • भर देती है रंग, टूटे हुए सपनो में.



  • तेरा चेहरा, तेरी आँखे, तेरे जैसी बात कहाँ,
  • तुम्हे देखते जो गुजरी है, ऐसी कोई रात कहाँ 



  • इक कतरा मेरे "अश्क" का 
  • यहीं कहीं गिरा होगा,,,
  • '
  • मायूस सा लरज कर,,
  • पलकों से जुदा हुआ होगा, 
  • '
  • कई बार जब्त किया था उसे, 
  • इस बार दर्द तेज उठा होगा, 
  • '
  • दरिया को समेटे बैठी थी, 
  • दिल की दरार से वो फूटा होगा





  • काश कभी ऐसा हो कि, तुम, मैं और वक्त कहीं एक साथ मिलें.,,
  • और तीनों एक दूसरे से, दूर जाना ही भूल जाएं.




  • छू जाते हो कितनी दफा तुम , मुझे ख़्वाब बन कर,
  • ये दुनिया तो यूँ ही कहती है कि , तुम मेरे करीब नहीं 



  • उन आँखों को चैन कहाँ आता है ,
  • जिन आँखों में सवार इश्क़ हो जाता है 




  • फिर तेरी याद, फिर तेरी तलव, फिर तेरी बातें, 
  • ऐसे लगता है ऐ दिल , तुझे मेरा सकून रास नही आता





  • न जाने क्या हुआ है ,,,!
  • आज दिल भरा भरा सा है,
  • ,
  • गुलाब के अश्क हैं, ,,,
  • या सिर्फ शबनमी कतरा सा है
  • ,
  • जख्म गहरा है,,,,
  • पर दर्द जरा जरा सा है 




  • ख्वाहिश-ए-ज़िंदगी , बस इतनी सी है अब मेरी,
  • कि साथ तेरा हो और , ज़िंदगी कभी खत्म न हो




  • अनजाना शहर,
  • अपने से लगते लोग,
  • ,,,,,,फिर भी,
  • इस भरी हुई महफिल में,,
  • इक अजनबी से हम
  • -
  • कुछ तौलती सी नजर,
  • कहीं पेशानी पर शिकन,
  • ,,, ,कौन है, ,,,?
  • क्या है, कहाँ से है,
  • इंसानी फितरत है ये,
  • और खामोश से हम ।
  • -
  • लोग बेताब से रहते हैं,
  • सुनने को औरों की दास्तान
  • गर सुना दें तो,,,
  • यकीन को तरसते ये,
  • चुप रहना भी गुनाह है,
  • कहना भी इक सितम,,,,
  • -
  • जिंदगी से जुड़े हैं कई दर्द,
  • दर्द से वाबस्ता अश्क,
  • गर यूं ही रो पड़े तो, ,,,,,,
  • डरते हैं कहीं
  • मजलूम ना कहलाएं,,,,,
  • इसीलिए बेवजह भी हंसते रहते हैं हम4




  • =================================
  • मैं जी रही हूँ !!!!
  • -
  • क्योंकि, ,,,,
  • हर मौसम, हर दिन, हर लम्हा,
  • लम्हों के हर पल में जीना पसंद है मुझे, ,,
  • ,
  • बारिश में, सर्दी की गुलाबी ठंड में,
  • कुनकुनी धूप में टहलना पसंद है मुझे,,,
  • ,
  • फूलों के रंग, तितलियों के संग,
  • पंछियों के पंखों की लचक देखना पसंद है मुझे,
  • ,
  • हवाओं में खुशबू, ठंडी फुहारों,
  • सागर की मौंजे बन लहराना पंसद है मुझे,
  • ,
  • किसी की ख्वाहिश, किसी की उम्मीद,
  • उदास आँखों की मुस्कुराहट बनना पसंद है मुझे,
  • ,
  • छोटी सी बातों में बड़ी बड़ी खुशियाँ,
  • खामोशी में भी गीत तलाशना पसंद है मुझे,
  • ,
  • मै जिंदा हूँ, बिंदास हूँ, कभी उदास भी,
  • लेकिन मैं खुश हूँ क्योंकि दर्द में भी हंसना पसंद है
  • मुझे ।
  • -====================================
  • चंदन का टीका, रेशम का धागा,
  • सावन की सुगंध, बारिश की फुहार,
  • भाई की उम्मीद, बहना का प्यार,
  • मुबारक हो आपको "रक्षा-बंधन”
  • का त्योहार..



  • न तुमको खबर हुई ,न ज़माना समझ सका ,
  • हम चुपके-चुपके तुम पे ,कई बार मर गए 



  • क्या खबर थी कभी , इस दिल की ये हालत होगी ,
  • धड़केगा दिल मेरे सीने में , और सांसे तेरी होंगी



  • कलम रुक गयी मेरी ये तस्वीर देख कर !
  • किस्मत की लकीरो ने ये क्या कर दिया




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