poet poetry in hindi shayari


  • samajh me aaye!ga ik roz pyar ka matlab
  • abhi to sirf hawas hai abhi hai pyaar kahan 

  • mera apna maan hai ke insaan sachcha pyar apni
  • !
  • umr ke aakhri !hisse me karta hai yahi wo umr hai

  • jahan beti bete bahu sab hansi udate hai ke dekho

  • kaise ek doosre se pyar karte hain .ek doosre se pal

  • bhar door hone p!ar kaise taRapne lagte hain
  • haqeeqt me is umr me pati patni ek doosre ki zaroorat nahin balke ek doosre ka sahara hote hain aur yahi hai sachcha pyar.....aadil rasheed






  • रात क्या आप का साया मेरी दहलीज़ पे था
  • सुब्ह तक नूर का चश्मा मेरी दहलीज़ पे था
  • रात फिर एक तमाशा मेरी दहलीज़ पे था
  • घर के झगडे में ज़माना मेरी दहलीज़ पे था
  • मैं ने दस्तक के फ़राइज़ को निभाया तब भी
  • जब मेरे खून का!! प्यासा मेरी दहलीज़ पे था
  • अब कहूँ इस को मुक़द्दर के कहूँ खुद्दारी
  • प्यास बुझ सकती थी दरिया मेरी दहलीज़ पे था
  • सांस ले भी नहीं पाया था अभी गर्द आलूद
  • हुक्म फिर एक !सफ़र का मेरी दहलीज़ पे था
  • रात अल्लाह ने थोडा सा नवाज़ा मुझको
  • सुब्ह को दुनिया का रिश्ता मेरी दहलीज़ पे था
  • होसला न हो न सका पाऊँ बढ़ने का कभी
  • कामयाबी का तो रस्ता मेरी दहलीज़ पे था
  • उस के चेहरे पे झलक उस के खयालात की थी
  • वो तो बस रस्मे ज़माना मेरी दहलीज़ पे था
  • तन्ज़(व्यंग) करने के लिए उसने तो दस्तक दी थी
  • मै समझता था के भैया मेरी दहलीज़ पे था
  • कौन आया था दबे पांव अयादत को मेरी
  • सुब्ह इक मेहदी का धब्बा मेरी दहलीज़ पे था
  • कैसे ले दे के अभी लौटा था निपटा के उसे
  • और फिर इक नया फिरका मेरी दहलीज़ पे था
  • सोच ने जिस की कभी लफ़्ज़ों को मानी बख्शे
  • आज खुद मानी ए कासा मेरी दहलीज़ पे था
  • खाब में बोली लगाई जो अना की आदिल
  • क्या बताऊँ तु!म्हे क्या -क्या मेरी दहलीज़ पे था




  • जिस किसी दिन तुम उसूलो के कड़े हो जाओगे
  • बस उसी दिन अपने पैरों पर खड़े हो जाओगे
  • सच को समझाने! की खातिर ये दलीलें ये जूनून
  • देख लेना एक दिन तुम चिडचिडे हो जाओगे
  • मैं महाज़े जिंदगी पर सुर्खरू हो जाऊंगा
  • तुम अगर मेरे बराबर में खड़े हो जाओगे
  • पीठ पीछे उस की गीबत कर रहे हो तुम मियां
  • आया तो ताजी!म में उठकर खड़े हो जाओगे
  • कोई गैरतमंद मुहसिन खुद ब खुद मर जायेगा
  • सामने उसके जो तुम तन कर खड़े हो जाओगे
  • वो जहाँ दीदा था उसने इल्म यूँ आधा दिया
  • जानता था तुम बराबर से खड़े हो जाओगे
  • सब यहाँ अह!ले नजर हैं क्या गलत है क्या सही
  • खुद को मैं छोटा कहूँ तो तुम बड़े हो जाओगे ?
  • मसनदे इंसाफ पर क्या दोस्ती क्या दुश्मनी
  • तुम खफा मुझ से अगर होगे पड़े हो जाओगे
  • बात मेरी गाँठ में तुम बाँध लो इस दौर में
  • काम तब होगा के जब सर पर खड़े हो जाओगे
  • ज़ुल्म सहने की अगर आदत नहीं छोडी तो फिर
  • रफ्ता रफ्ता जेहन से तुम हीजड़े हो जाओगे
  • अहले तिलहर के लिए बच्चे ही हो आदिल रशीद
  • तुम ज़माने के लिए बेशक बड़े हो जाओगे




  • ख़्वाब आँखों में पालते रहना
  • जाल दरिया में डालते रहना

  • ज़िंदगी पर क़िताब लिखनी है
  • मुझको हैरत में डालते रहना

  • और कई इन्किशाफ़ होने हैं
  • तुम समंदर खंगालते रहना

  • ख़्वाब रख देगा तेरी आँखों में
  • ज़िन्दगी भर संभालते रहना

  • तेरा दीदार मेरी मंशा है
  • उम्र भर मुझको टालते रहना

  • ज़िंदगी आँख! फेर सकती है
  • आँख में आँख डालते रहना

  • तेरे एहसा!न भूल सकता हूँ
  • आग में तेल डालते रहना

  • मैं भी तुम !पर यकीन कर लूँगा
  • तुम भी पानी उबालते रहना

  • इक तरीक़ा है कामयाबी का
  • ख़ुद में कमियाँ निकालते रहना




  • कल जो राइज था आज थोड़ी है
  • अब वफ़ा का रिवाज थोड़ी है

  • ज़िंदगी बस तुझी को रोता रहूँ
  • और कोई काम काज थोड़ी है

  • दिल उसे अब भी बावफ़ा समझे
  • वहम का कुछ इलाज थोड़ी है

  • आप की हाँ में ! मिला दूँगा
  • आप के घर का राज थोड़ी है

  • है ज़रुरत तु!झे दुआओं की
  • मय ग़मों का इलाज थोड़ी है

  • वो ही क़ादिर है वो बचा लेगा
  • अपने हाथों! में लाज थोड़ी है

  • वो ही हाजित रवा है राज़िक़ है
  • तेरी मुट्ठी में नाज थोड़ी है

  • उस की यादों से पार पड़ जाए
  • हर मरज़ का इलाज थोड़ी है

  • दाद है ये हमारी ग़ज़लों की
  • एक मुट्ठी अनाज थोड़ी है

  • उम्र भी देखो हरकतें देखो
  • उसको कुछ लोक लाज थोड़ी है

  • प्यार को प्यार ही समझ लेगा
  • इतना अच्छा समाज थोड़ी है

  • मैं शिकायत किसी से कर बैठूँ
  • मेरा ऐसा मिज़ाज थोड़ी है

  • शायरी छोड़ देंगे इक दिन हम
  • ये मरज़ ला इलाज थोड़ी है



  • उसे तो कोई अकरब काटता है
  • कुल्हाड़ा पेड़ को कब काटता है

  • जुदा जो गोश्त को नाख़ुन से कर दे
  • वो मसलक हो के मशरब काटता है

  • बहकने का नहीं इमकान कोई
  • अकीदा सारे करतब काटता है

  • कही जाती नहीं हैं जो ज़ुबाँ से
  • उन्ही बातों का मतलब काटता है

  • वो काटेगा नहीं है खौफ़ इसका
  • सितम ये है के बेढब काटता है

  • तू होता साथ तो कुछ बात होती
  • अकेला हूँ तो मनसब काटता है

  • जहाँ तरजीह देते हैं वफ़ा को
  • ज़माने को वो मकतब काटता है

  • उसे तुम ख़ून भी अपना पिला दो
  • मिले मौक़ा तो अकरब काटता है

  • ये माना साँप !है ज़हरीला बेहद
  • मगर वो जब दबे तब काटता है

  • अलिफ़,बे० !ते० सिखाई जिस को आदिल
  • मेरी बातों को वो अब काटता है




  • चलो पैग़ाम दे अहले वतन को
  • कि हम शादाब रक्खें इस चमन को
  • न हम रुसवा करें गंगों -जमन को
  • करें माहौल पैदा दोस्ती का
  • यही मक़सद बना लें ज़िन्दगी का

  • कसम खायें चलो अम्नो अमाँ की
  • बढ़ायें आबो-ताब इस गुलसिताँ की
  • हम ही तक़दीर हैं हिन्दोस्ताँ की
  • हुनर हमने दिया है सरवरी का
  • यही मक़सद बना लें ज़िन्दगी का

  • ज़रा सोचे कि अब गुजरात क्यूँ हो
  • कोई धोखा किसी के साथ क्यूँ हो
  • उजालों की कभी! भी मात क्यूँ हो
  • तराशे जिस्म फिर से रौशनी का
  • यही मक़सद बना लें ज़िन्दगी का

  • न अक्षरधाम, दिल्ली, मालेगाँव
  • न दहशत गर्दी अब फै!लाए पाँव
  • वतन में प्यार की हो ठंडी छाँव
  • न हो दुश्मन यहाँ कोई किसी का
  • यही मक़सद बना लें ज़िन्दगी का

  • हवाएँ सर्द हों कश्मीर की अब
  • न तलवारों की और शमशीर की अब
  • ज़रूरत है ज़़बाने -मीर की अब
  • तक़ाज़ा भी यही है शायरी का
  • यही मक़सद बना लें ज़िन्दगी का

  • मुहब्बत का जहाँ आबाद रक्खें
  • न कड़वाहट को हरगिज़ याद रक्खें
  • नये रिश्तों की हम बुनियाद रक्खें
  • बढ़ायें हाथ हम सब दोस्ती का
  • यही मक़सद बना लें ज़िन्दगी का
  • यही मक़सद बना लें ज़िन्दगी का







  • ख़मोश होता हे क्यूँ दरिया इश्तआल के बाद
  • सवाल ख़त्म हुए !उस के इस सवाल के बाद

  • वो लाश डाल गया कत्ल कर के साए में
  • उसे ख़याल मि!रा आ गया जलाल के बाद

  • नये ज़माने का दस्तूर बस मआज़ अल्लाह
  • नवाज़ता है खिताबों से इन्तकाल के बाद

  • जहाँ को मैं ने बस इतनी ही अहमियत दी है
  • के जितनी !क़ीमत-ए-आईना एक बाल के बाद

  • ये फ़ूल, चाँद, सितारे ये कहकशाँ ये घटा
  • अज़ीज़ ये भी हैं लेकिन तिरे ख़याल के बाद

  • वो शख़्स मुझको बस इतना सिखा गया आदिल
  • किसी को दोस्त बनाओ तो देखभाल के बाद





  • वफ़ा, इखलास, ममता, भाई-चारा छोड़ देता है
  • तरक्की के लिए इन्सान क्या-क्या छोड़ देता ही

  • तड़पने के लिए दिन-भर को प्यासा छोड़ देता है
  • अजाँ होते ही वो किस्सा अधूरा छोड़ देता है

  • किसी को ये जुनूँ !बुनियाद थोड़ी-सी बढ़ा लूँ मैं
  • कोई भाई की ख़ातिर अपना हिस्सा छोड़ देता है

  • सफ़र में ज़िन्दगी के लोग मिलते हैं, बिछड़ते हैं
  • किसी के वास्ते! क्या कोई जीना छोड़ देता है

  • हमारे बहते खूँ में आज भी शामिल है वो जज़्बा
  • अना की पासबानी में जो दरिया छोड़ देता हैं

  • सफ़र में ज़िन्दगी के मुन्तज़िर हूँ ऐसी मंज़िल का
  • जहाँ पर !आदमी ये तेरा - मेरा छोड़ देता है

  • अभी तो सच ही छोड़ा है जनाब-ऐ-शेख ने आदिल
  • अभी तुम देखते! जाओ वो क्या-क्या छोड़ देता है




  • ये चन्द रोज़ का हुस्न ओ शबाब धोका है

  • सदाबहार हैं कांटे गुलाब धोका है

  • मिटी न याद तेरी बल्कि और बढती गई

  • शराब पी के ये जाना शराब धोका है

  • तुम अपने अश्क छुपाओ न यूँ दम ए रुखसत

  • उसूल ए इश्क में तो ये जनाब धोका है

  • ये बात कडवी है ले!किन यही तजुर्बा है

  • हो जिस का ना!म वफ़ा वो किताब धोका है

  • तमाम उ!म्र का वादा मैं तुम से कैसे करूँ

  • ये ज़िन्दगी भी तो मिस्ल ए हुबाब धोका है

  • पड़े जो ग़म तो वही मयकदे में आये रशीद

  • जो कहते !फिरते थे सब से "शराब" धोका है




  • तुम्हारे ताज में पत्थर जड़े हैं
  • जो गौहर हैं वो ठोकर में पड़े हैं

  • उड़ानें ख़त्म कर के लौट आओ
  • अभी तक बाग़ में झूले पड़े हैं

  • मिरी मंज़िल नदी के उस तरफ़ है
  • मुक़द्दर में मगर कच्चे घड़े हैं

  • ज़मीं रो-रो के सब से पूछती है
  • ये बादल किस लिए रूठे पड़े हैं

  • किसी ने यूँ ही !वादा कर लिया था
  • झुकाए सर अभी तक हम खड़े हैं

  • महल ख़्वाबों! का टूटा है कोई क्या
  • यहाँ कुछ काँच के टुकड़े पड़े हैं

  • उसे तो याद हैं सब अपने वादे
  • हमीं हैं जो उसे भूले पड़े हैं

  • ये साँसें, नींद ,और ज़ालिम ज़माना
  • बिछ!ड़ के तुम से किस-किस से लड़े हैं

  • मैं पागल हूँ जो उनको टोकता हूँ
  • मिरे अहबाब तो चिकने घड़े हैं

  • तुम अपना हाल किस से कह रहे हो
  • तुम्हारी अक्ल पर पत्थर पड़े हैं





  • मुहावरा ग़ज़ल

  • गिर के उठ कर जो चल नहीं सकता
  • वो कभी भी संभल नहीं सकता

  • तेरे सांचे में ढल नहीं सकता
  • इसलिए साथ चल नहीं सकता

  • आप रिश्ता रखें, रखें न रखें
  • मैं तो रिश्ता बदल नहीं सकता

  • वो भी भागेगा गन्दगी की तरफ
  • मैं भी फितरत बदल नहीं सकता

  • आप भावुक हैं आप पागल हैं
  • वो है पत्थ!र पिघल नहीं सकता

  • इस पे मंजिल मिले , मिले न मिले
  • अब मैं रस्ता ब!दल नहीं सकता

  • तुम ने चालाक कर दिया मुझको
  • अब कोई वार चल नहीं सकता

  • इस कहावत !को अब बदल डालो
  • खोटा सिक्का तो चल नहीं सकता






  • दिखावा जी हुजूरी और रियाकारी नहीं आती

  • हमारे पास भूले से ये बीमारी नहीं आती

  • जो बस्ती पर ये गिद्ध मडला रहे हैं बात तो कुछ है

  • कभी बे मसलिहत इमदाद सरकारी नहीं आती

  • पसीने कि कमाई में नमक रोटी ही आएगी

  • मियां अब इतने पैसों में तो तरकारी नहीं आती






  • आज का बीते कल से क्या रिश्ता
  • झोपड़ी का महल से क्या रिश्ता

  • हाथ कटवा लिए महाजन से
  • अब किसानों का हल से क्या रिश्ता

  • सब ये कहते हैं भूल जाओ उसे
  • मशवरों का अमल से क्या रिश्ता

  • किस की ख़ातिर गँवा दिया किसको
  • अब मिरा गंगा-जल से क्या रिश्ता

  • जिस में सदियों की शादमानी हो
  • अब किसी ऐसे पल से क्या रिश्ता

  • जो गुज़रती है बस वो कहता हूँ
  • वरना मेरा ग़ज़ल से क्या रिश्ता

  • ज़िंदा रहता है सिर्फ़ पानी में
  • रेत का है कँवल से क्या रिश्ता

  • मैं पुजारी हूँ !अम्न का आदिल
  • मेरा जंग ओ जदल से क्या रिश्ता






  • नज़्म मा!सूम सवाल सवाल

  • वो मेरी मासूम प्यारी बेटी

  • है उम्र जिसकी के छ बरस की

  • ये पूछ बैठी बताओ पापा

  • जो आप अम्मी से कह रहे थे

  • जो गुफ्तुगू आप कर रहे थे

  • के ज़िन्दगी में बहुत से ग़म हैं

  • बताओ कहते है "ग़म" किसे हम?

  • कहाँ मिलेंगे हमें भी ला दो?

  • सवाल पर सकपका गया मैं

  • जवाब सोचा तो काँप उठ्ठा

  • कहा ये मैं ने के प्यारी बेटी

  • ये लफ्ज़ मु!हमल है तुम न पढना

  • तुम्हे तो ब!स है ख़ुशी ही पढना

  • ये लफ्ज़ बच्चे नहीं हैं पढ़ते

  • ये लफ्ज़ पापा के वास्ते है

  • वो मुतमईन हो के सो गई जब

  • दुआ की मैं ने ए मेरे मौला

  • ए मेरे मालिक ए मेरे खालिक

  • तू ऐसे लफ़्ज़ों को मौत दे दे

  • मआनी जिसके के रंजो गम हैं

  • न पढ़ सके ताके कोई बच्चा

  • न जान पाए वो उनके मतलब

  • नहीं तो फिर इख्तियार दे दे

  • के इस जहाँ !की सभी किताबों

  • हर इक लुग!त से मैं नोच डालूं

  • खुरच दूँ उनको मिटा दूँ उनको

  • जहाँ -जहाँ पर भी ग़म लिखा है

  • जहाँ -जहाँ प!र भी ग़म लिखा है





  • सारी दुनिया देख रही हैरानी से

  • हम भी हुए हैं इक गुड़िया जापानी से

  • बाँट दिए बच्चों में वो सारे नुस्खे

  • माँ ने जो भी कुछ सीखे थे नानी से

  • ढूंढ़ के ला दो वो मेरे बचपन के दिन

  • जिन मे सपने हैं कुछ धानी-धानी से

  • प्रीतम से तुम पहले पानी मत पीना

  • ये मैं ने सीखा है राजस्थानी से

  • मै ने कहा था प्यार के चक्कर में मत पड़

  • बाज़ कहाँ आता है दिल मनमानी से

  • बिन तेरे मैं कितना उजड़ा -उजड़ा हूँ

  • दरिया की पहचान फ़क़त है पानी से

  • मुझ से बिछड़ के मर तो नहीं जाओगे तुम

  • कह तो दिया ये तुमने बड़ी आसानी से

  • पिछली रात को सपने मे कौन आया था

  • महक रहे हो आदिल रात की रानी से





  • न दौलत ज़िंदा रहती है न चेहरा ज़िंदा रहता है

  • बस इक किरदार ही है जो हमेशा ज़िंदा रहता है

  • कभी लाठी के मा!रे से मियाँ पानी नहीं फटता

  • लहू में भाई से भा!ई का रिश्ता ज़िंदा रहता है

  • ग़रीबी और अमीरी बाद में ज़िंदा नहीं रहती

  • मगर जो कह दि!या एक-एक जुमला ज़िंदा रहता है

  • निवालों के लिए हर्गिज़ न मैं ईमान बेचूंगा

  • सुना हे मॆं ने पत्थर मे भी कीडा ज़िन्दा रहता है

  • न हो तुझ को यकीं तारीख़एदुनिया पढ़ अरे ज़ालिम

  • कोई भी दौर हो सच का उजाला ज़िंदा रहता है

  • अभी आदिल ज़रा सी तुम तरक्की और होने दो

  • पता चल जाएगा दुनिया में क्या-क्या ज़िंदा रहता है






  • अपने हर कौल से, वादे से पलट जाएगा
  • जब वो पहुंचेगा बुलंदी पे तो घट जाएगा

  • अपने किरदार!! को तू इतना भी मशकूक न कर
  • वर्ना कंकर की तरह से दाल से छट जाएगा

  • जिसकी पेशानी तकद्दुस का पता देती है
  • जाने कब उस !!के ख्यालों से कपट जाएगा

  • उसके बढ़ते हुए क़दमों पे कोई तन्ज़ न कर
  • सरफिरा है वो,उसी वक़्त पलट जाएगा

  • क्या ज़रूरी है के ताने रहो तलवार सदा
  • मसअला घर का है बातों से निपट जाएगा

  • आसमानों से परे यूँ तो है वुसअत उसकी
  • तुम बुलाओ!!गे तो कूजे में सिमट जाएगा





  • सारी दुनिया देख रही हैरानी से

  • हम भी हु!!ए हैं इक गुड़िया जापानी से

  • बाँट दिए बच्चों में वो सारे नुस्खे

  • माँ ने जो भी कुछ सीखे थे नानी से

  • ढूंढ़ के ला दो वो मेरे बचपन के दिन

  • जिन मे सपने हैं कुछ धानी-धानी से

  • प्रीतम से तुम पहले पानी मत पीना

  • ये मैं ने सीखा है राजस्थानी से

  • मै ने कहा था!1 प्यार के चक्कर में मत पड़

  • बाज़ कहाँ आता है दिल मनमानी से

  • बिन तेरे मैं!! कितना उजड़ा -उजड़ा हूँ

  • दरिया की पहचान फ़क़त है पानी से

  • मुझ से बिछड़ के मर तो नहीं जाओगे तुम

  • कह तो दिया ये तुमने बड़ी आसानी से

  • पिछली रात को सपने मे कौन आया था

  • मह!!क रहे हो आदिल रात की रानी से






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