whatsapp 2line shayari new 2017


  • आओं मिलकर ढूंढले कोई वजह फिर से एक हो जाने की,
  • यूं बिछड़े-बिछड़े न तुम ...अच्छे लगते हो और ना ही मैं।

  • इश्क़ का रोग है, चेहरे के रंग बताते हैं
  • जाने किस बात पे, तन्हा ही हँसे जाते हैं

  • कैसे बयान करुं सादगी मेरे महबूब की,
  • पर्दा हमी से था मगर नजर हम पर ही थी

  • कितनी अजीब है कुछ क़रीबी रिश्तों की रोशनी,
  • उजालो कें बावजूद भी चेहरे पहचाने नहीं जाते..

  • जो मुंह तक उड़ रही थी अब लिपटी है पाँव से,
  • जरा सी बारिश क्या ..हुई मिटटी की फितरत बदल गई..

  • तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो, दिल मेरा था और धड़क रहा था वो,
  • प्यार का तालुक भी अजीब होता है, आंसू मेरे थे सिसक रहा था वो.

  • मुझे कुछ अफ़सोस नहीं के मेरे पास, सब कुछ होना चाहिए था,
  • मै उस वक़्त भी मुस्कुराता ..था,जब मुझे रोना चाहिए था.

  • रोज़ आता है मेरे, दिल को तस्सली देने,
  • ख़याल ऐ यार को, मेरा खयाल कितना है.

  • सिर्फ इतना ही कहा है, प्यार है तुमसे, जज्बातों की कोई नुमाईश नहीं की,
  • प्यार के बदले सिर्फ प्यार मांगती हूँ, रिश्ते की तो कोई गुज़ारिश ही नहीं की..

  • समेट कर ले जाओ, अपने झूठे वादों के अधूरे क़िस्से,
  • अगली मोहब्बत में तुम्हें फिर, इनकी ज़रूरत पड़ेगी।

  • तेरे रोने से उन्हें कोई, फर्क नहीं पड़ता ऐ दिल,
  • जिनके चाहने वाले ज्यादा हो, वो अक्सर बे दर्द हुआ करते हैं.

  • सिलसिला उल्फत का चलता ही रह गया,.. दिल चाह में दिलबर के मचलता ही रह गया,
  • कुछ देर को जल के शमां खामोश हो गई, परवाना मगर सदियों तक जलता ही रह गया..

  • क्यूँ करते हो मुझसे, इतनी ख़ामोश मुहब्बत,
  • लोग समझते है, इस बदनसीब का कोई नहीँ.

  • हसीनो ने हसीन बनकर गुनाह किया,... औरों को तो क्या हमको भी तबाह किया,
  • पेश किया जब ग़ज़लों में हमने उनकी बेवफ़ाई को, औरों ने तो क्या उन्होने भी वाह-वाह किया

Comments